पीलीभीत ट्रेजरी घोटाले में 3.87 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज, 38 खातों में संदिग्ध लेनदेन,फर्जी वेतन बिल बनाकर सरकारी धन गबन का मामला

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने ट्रेजरी से जुड़े सरकारी धन गबन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक चिन्हित 38 खातों में संदिग्ध लेनदेन के तहत लगभग 3,87,02,568 रुपये की धनराशि फ्रीज करा दी है। मामले में मुख्य अभियुक्त इल्हाम उर्र रहमान शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

13 फरवरी 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने थाना कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इल्हाम उर्र रहमान शम्सी, जो जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में कार्यरत था और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अटैच था, वेतन बिल और टोकन जनरेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य देखता था।

आरोप है कि अभियुक्त ने फर्जी और कूटरचित तरीके से वेतन मद में गलत लाभार्थी बनाकर 12 सितंबर 2024 से 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से ₹1,01,95,135 की धनराशि अपनी पत्नी के खाते में ट्रेजरी के जरिए NEFT द्वारा ट्रांसफर कर गबन किया।

इस मामले में थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान अभियुक्त की पत्नी अर्शी खातून को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

विवेचना में यह भी सामने आया कि अभियुक्त ने अपने रिश्तेदारों और पत्नी के खातों से बरेली स्थित JHM इंफ़्राहोंम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ₹90 लाख तथा Orika होम बिल्डर के खाते में ₹17.18 लाख ट्रांसफर किए। संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर रकम में छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, अब तक 38 खातों में संदिग्ध लेनदेन चिन्हित किए जा चुके हैं। बैंकिंग संस्थाओं के साथ समन्वय कर बड़ी राशि फ्रीज कर दी गई है और अन्य खातों की भी जांच जारी है।

पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी अभियुक्तों और संभावित सहयोगियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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