पीलीभीत : सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित क्विज़ प्रतियोगिता का अंतिम चरण महाविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एक माह से चल रही शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला के अंतर्गत इस प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की और अपनी ज्ञान-क्षमता, विषय समझ एवं त्वरित उत्तर देने की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया। मंच पर पुरस्कार प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा द्वारा प्रदान किए गए, जिनकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों में उत्साह व प्रेरणा का संचार किया।
विजेता प्रतिभागियों की घोषणा
प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों से गुजरते हुए चयनित फाइनलिस्टों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति द्वारा जारी परिणाम के अनुसार—
- प्रथम स्थान: अभिलाषा, गार्गी तथा अनुष्का
- द्वितीय स्थान: इजलाल, मुज़ाहिद तथा इमाद
- कॉन्सोलेशन सम्मान: ऋचा, राशि एवं किरन
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विषयगत ज्ञान, तर्क क्षमता और टीम समन्वय की उल्लेखनीय मिसाल पेश की। पुरस्कृत विद्यार्थियों को उपहार, प्रमाण पत्र और शुभकामनाएँ प्रदान की गईं। उपस्थित संकाय सदस्यों ने विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अन्य प्रतिभागियों को भी अध्ययन एवं सहभागिता जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्य डॉ. पूजा सिंदवानी, डॉ. वर्तिका, डॉ. कौस्तव, डॉ. शोभित तथा डॉ. क्रांत वर्धन उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने प्रतियोगिता को विद्यार्थियों के लिए बौद्धिक विकास, जनस्वास्थ्य समझ और शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा की एक सार्थक श्रृंखला बताया। संकाय सदस्यों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी विकसित करते हैं।
“वन हेल्थ” पहल और प्राचार्या का संदेश
कार्यक्रम आई.ए.पी.एस.एम.–आई.सी.एम.आर. सहयोग के अंतर्गत आयोजित एक माह तक चलने वाली “वन हेल्थ” पहल का हिस्सा रहा, जिसमें मानव, पशु एवं पर्यावरण स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को समझने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने अपने संदेश में कहा
“वन हेल्थ पहल मानव, पशु और पर्यावरण—इन तीनों के मध्य संतुलन बनाए रखने तथा जनस्वास्थ्य सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। एक माह तक चली इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया है। मैं संपूर्ण आयोजन टीम, संकाय सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साहपूर्ण सहयोग एवं उत्कृष्ट प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ देती हूँ।”
आभार और सफलता का संदेश
सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने अपनी प्राचार्या ने सभी विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेज़िडेंटगण के प्रति हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। विभाग ने कहा कि सभी के समन्वय, सहयोग और सतत सहभागिता ने इस पहल को प्रभावी, परिणामदायी और सफल बनाया।आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया, बढ़ी हुई भागीदारी और जागरूकता में आई वृद्धि इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है। साथ ही यह भी संकल्प व्यक्त किया गया कि आने वाले समय में ऐसे शैक्षणिक और जनस्वास्थ्य उन्मुख कार्यक्रमों को और अधिक विस्तार व नियमितता के साथ जारी रखा जाएगा।

