पीलीभीत: बाघों की बढ़ती आबादी और शानदार टाइगर साइटिंग के चलते पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) अब देश ही नहीं, विदेशों में भी एक नया पर्यटन आइकॉन बनकर उभर रहा है। बीते पर्यटन सत्र 2024–25 में रिजर्व ने न सिर्फ अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि देशी और विदेशी सैलानियों के बीच लोकप्रियता का नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। करीब 73 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस घने जंगल में वाइल्डलाइफ प्रेमियों ने सात माह तक बाघों और जंगल की प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद उठाया।
06 नवंबर से 15 जून तक चला था 2024-25 पर्यटन सत्र।
पर्यटन सत्र की शुरुआत 06 नवंबर 2024 से हुई थी, जो 15 जून 2025 तक चला। कुल 221 दिनों तक रिजर्व सैलानियों से गुलजार रहा। मुस्तफाबाद और महोफ गेटों से प्रतिदिन सैकड़ों सफारी वाहन जंगल की ओर जाते दिखे। सत्र के अंतिम दिनों में तो बुकिंग काउंटरों पर भारी भीड़ देखने को मिली। जंगल सफारी के दोनों शिफ्टों में लगभग 800 सैलानियों ने बाघों, हिरणों, तेंदुओं, बारहसिंघों और विभिन्न दुर्लभ पक्षियों के दीदार किए।
टाइगर साइटिंग का ऐसा क्रेज देखने को मिला कि कई सैलानियों को एक साथ तीन-तीन बाघ भी दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वीडियो और तस्वीरें जमकर वायरल होती रहीं, जिससे इसकी प्रसिद्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ी।
56,741 सैलानियों ने की सैर, टूटा पिछला रिकॉर्ड
वन विभाग के अनुसार इस बार के सत्र में कुल 56,741 सैलानी रिजर्व पहुंचे, जिनमें 56,289 भारतीय और 452 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पिछले सत्र (2023–24) में 54,567 सैलानी पहुंचे थे, जिनमें 189 विदेशी शामिल थे। यानी इस बार विदेशी सैलानियों की संख्या में लगभग 139 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विदेशी सैलानियों में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और जापान के पर्यटक प्रमुख रहे। इनमें से कई पर्यटक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और डॉक्युमेंट्री मेकर थे। वहीं, भारतीय सैलानियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे।
हटों की बुकिंग और विशेष अतिथियों की मौजूदगी।
सैलानियों ने चूका बीच और सप्त सरोवर हट्स में ठहरने को लेकर विशेष दिलचस्पी दिखाई। पर्यटन सत्र के दौरान 1,039 बार ऑनलाइन हट बुकिंग की गई। इस बार के सत्र की खासियत यह रही कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, कई राज्यपाल, सांसद, अभिनेता और केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद जैसे नामी मेहमानों ने भी पीटीआर का भ्रमण किया।
इसके अलावा, 100 से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने जंगल सफारी का अनुभव साझा किया, जिससे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रचार-प्रसार को नया बल मिला। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन इन्फ्लुएंसर्स की मौजूदगी ने रिजर्व की पहचान को देश-विदेश में मजबूत किया है।
विदेशी धरती पर बढ़ी पहचान।
विदेशी सैलानियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी ने यह साबित कर दिया है कि पीलीभीत अब सिर्फ उत्तर भारत का नहीं, बल्कि एशिया के प्रमुख टाइगर टूरिज्म सर्किट में अपनी जगह बना रहा है। वर्ष 2014–15 में जहां मात्र 10 विदेशी सैलानी पहुंचे थे, वहीं 2024–25 में यह आंकड़ा बढ़कर 452 तक पहुंच गया — यानी दस सालों में 45 गुना वृद्धि।
वन विभाग का कहना है कि लगातार बेहतर प्रबंधन, बाघों की बढ़ती संख्या, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सफारी सुविधाओं ने पीटीआर को पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है।
विदेशी सैलानियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी ने यह साबित कर दिया है कि पीलीभीत अब सिर्फ उत्तर भारत का नहीं, बल्कि एशिया के प्रमुख टाइगर टूरिज्म सर्किट में अपनी जगह बना रहा है। वर्ष 2014–15 में जहां मात्र 10 विदेशी सैलानी पहुंचे थे, वहीं 2024–25 में यह आंकड़ा बढ़कर 452 तक पहुंच गया — यानी दस सालों में 45 गुना वृद्धि।
वन विभाग का कहना है कि लगातार बेहतर प्रबंधन, बाघों की बढ़ती संख्या, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सफारी सुविधाओं ने पीटीआर को पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है।ब
अब 2025–26 सत्र से नई उम्मीदें।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का पर्यटन सत्र शनिवार से शुरू हो गया। यन मंत्री में अरुण कुमार संकरीना ने हवन पूजन के सैलानियों वो पाहन को हरी झंजी दिशसकर स्वाना किया। इस बार पर्यटन सत्र की शुरुलात टाइगर रिजर्व के तीसरे बराही गेट से से शुरू हुई है। पीडीआर प्रशाशन से इस गेट को इसी सत्र में शुरू किया है। बराही गेट जाने वाले सैलानेयो को मा गदाका करने से होकर पहुंचना होगा। पर्यटन रात्र के पहले दिन कई स्कूलों के छात्र छात्राओं और सैलानियों ने मुफ्त जगल सफारी का लुत्क उठाया। चूका बीच पर प्राकृतिक सुंदरता की निहारा।
संरक्षण और पर्यटन में संतुलन की चुनौती
वन विभाग का कहना है कि बाघों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। बढ़ते पर्यटन के बावजूद पर्यावरणीय संतुलन और वाइल्डलाइफ के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

