मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह -12 नवंबर को पीलीभीत में गूँजेगी शहनाई, कई जोड़े होंगे एकदूजे के।

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पीलीभीत: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत इस वर्ष जिले में सामूहिक विवाह समारोह 12 नवंबर को ड्रमंड इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित किया जाएगा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले को 466 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में तीन गुना से भी अधिक यानी 1591 लोगों ने विवाह के लिए आवेदन किया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से इन सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद पात्र जोड़ों का विवाह कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य।

सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी को गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न कराना है। योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग और सामान्य वर्ग की गरीब परिवारों की बेटियों को दिया जाता है। इससे एक ओर जहां परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है, वहीं समाज में सामूहिकता और समानता की भावना को भी बल मिलता है।

सामूहिक विवाह को लेकर समाज कल्याण विभाग ने शुरू की तैयारी।

जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी आवेदन प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर रखी गई थी, जिसके बाद रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया। अब इन आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही विवाह समारोह में शामिल किया जा सके। सत्यापन के बाद सूची को अंतिम रूप देकर चयनित जोड़ों को समारोह में आमंत्रित किया जाएगा।

इस बार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सरकार ने खर्च की राशि को लगभग दोगुना कर दिया।

पहले प्रत्येक जोड़े पर कुल 51 हजार रुपये खर्च किए जाते थे, जबकि अब यह राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जोड़े को 25 हजार रुपये मूल्य का घरेलू सामान, 15 हजार रुपये आयोजन व्यय के रूप में और 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। इससे न केवल विवाह कार्यक्रम की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता भी प्राप्त होगी, जिससे वे अपना नया जीवन सुचारू रूप से प्रारंभ कर सकें।

पीलीभीत में लक्ष्य से अधिक हुए आवेदन।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य से अधिक आवेदन आने के बावजूद पात्र जोड़ों को ही योजना का लाभ मिलेगा। यदि पात्रता मानदंडों के अंतर्गत आने वाले आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होगी, तो भी पात्र जोड़ों के विवाह संपन्न कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुँचाने की है।

इस सामूहिक विवाह को लेकर क्या कहना है समाज कल्याण अधिकारी का?

जिला समाज कल्याण अधिकारी चंद्रमोहन विश्नोई ने बताया कि अब तक 1591 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और प्रशासन 12 नवंबर को भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर तक प्राप्त सभी आवेदनों की जांच चल रही है और योग्य जोड़ों की सूची जल्द ही तैयार कर ली जाएगी। साथ ही, समारोह की सभी तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। आयोजन स्थल की साफ-सफाई, मंच सजावट, भोजन, सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत रूपरेखा बनाई जा रही है।

12 नवंबर को होने वाला यह समारोह सैकड़ों परिवारों के लिए खुशियों का बड़ा दिन साबित होगा।

सामूहिक विवाह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सहारा बन रही है, बल्कि समाज में सामाजिक समरसता और एकजुटता का भी संदेश दे रही है। इससे उन परिवारों को राहत मिलती है, जो बेटी के विवाह के समय आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। इसके अलावा, सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों से सामाजिक बंधुत्व की भावना भी प्रबल होती है, जहां सभी वर्गों और समुदायों के लोग एक साथ मिलकर खुशी के क्षण साझा करते हैं।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के सफल आयोजन से न केवल सरकार की जनकल्याणकारी नीति को बल मिलेगा, बल्कि यह समाज में समानता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहन देगा। पीलीभीत में 12 नवंबर को होने वाला यह समारोह सैकड़ों परिवारों के लिए खुशियों का बड़ा दिन साबित होगा।

 


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