HIV के खिलाफ जंग में पीलीभीत मेडिकल कॉलेज बना सहारा… 850+ मरीजों को नई उम्मीद मुफ्त जांच और इलाज से बदल रही ज़िंदगियां,

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रिंटू वर्मा…

पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध पुरुष एवं महिला चिकित्सालयों में संचालित इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर और प्रीवेंशन ऑफ पेरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन केंद्र HIV संक्रमण की रोकथाम और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जनपद में समय पर जांच, पहचान और प्रभावी इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

सालों से चल रही सेवाएं, सैकड़ों मरीजों को लाभ

पुरुष चिकित्सालय में ICTC केंद्र की स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी, जहां 2025 तक 556 पुरुष और 122 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। वहीं महिला चिकित्सालय में 2007 से संचालित PPTCT केंद्र पर 65 गर्भवती महिलाएं और 115 अन्य महिलाएं एवं बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। अब तक 850 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है।

अब स्थानीय स्तर पर मिल रहा मुफ्त इलाज

पहले मरीजों को एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के लिए लखनऊ भेजा जाता था, लेकिन 2014 में स्थानीय स्तर पर ही ART सेंटर की स्थापना कर दी गई। यहां मरीजों को मुफ्त दवाएं, वायरल लोड और CD4 जैसी जरूरी जांचें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

काउंसलिंग और गोपनीयता पर विशेष ध्यान

ICTC और PPTCT केंद्रों पर कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से HIV जांच करा सकता है। जांच से पहले और बाद में काउंसलिंग की जाती है, जिससे मरीज को सही जानकारी और मानसिक सहयोग मिल सके। साथ ही सभी मरीजों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

गांव-गांव तक जागरूकता अभियान

इन केंद्रों से जुड़ी टीमों द्वारा गांवों में आउटरीच एक्टिविटी चलाई जा रही हैं। VHND सत्रों और रेड अलर्ट क्षेत्रों में विशेष अभियान के जरिए लोगों को HIV के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मरीज OPD, TB अस्पताल, NGO, प्राइवेट अस्पताल और ब्लड बैंक के माध्यम से भी यहां पहुंच रहे हैं।

गर्भवती महिलाओं और नवजात को विशेष सुरक्षा

HIV पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी अस्पताल में कराई जाती है और नवजात शिशु को जन्म के 72 घंटे के भीतर नेविरापीन दवा दी जाती है। शिशु की जांच 6 सप्ताह, 6 माह, 12 माह और 18 माह पर की जाती है, जिससे संक्रमण पर पूरी तरह नजर रखी जा सके।

अनाथ बच्चों को भी मिल रही मदद

HIV संक्रमित अनाथ बच्चों को राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 18 वर्ष की आयु तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

प्राचार्या  और उप प्राचार्य का संदेश

मेडिकल कॉलेज क़ी प्राचार्या प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा और उप प्राचार्य डॉ अरुण सिंह ने बताया कि ये सेवाएं न केवल HIV संक्रमण की रोकथाम में मददगार हैं, बल्कि संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही हैं।

काउंसलर का संदेश

शबाना पी पी टी सी टी (माता-पिता से बच्चे में संक्रमण की रोकथाम) काउंसलर और  पूनम कुमारी
आई सी टी सी (एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्र) काउंसलरने दिया सन्देश…

वादा निभाएंगे, एड्स को भगाएंगे…
HIV से जंग, पूरी जानकारी के संग।

 


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