पीलीभीत अनिल पाल हत्याकांड में बड़ा फैसला…निधि मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Share Also

एड.अंशुल गौरव सिंह…

पीलीभीत।जनपद के चर्चित अनिल पाल हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए अभियुक्ता निधि मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश माननीय सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार–IV द्वारा 23 मार्च  को पारित किया गया।

हत्या को आत्महत्या दिखाने का आरोप

मामले में आरोप है कि मृतक अनिल पाल को पहले योजनाबद्ध तरीके से जहरीला पदार्थ दिया गया और बाद में फांसी पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान अवैध संबंधों का एंगल भी सामने आया है, जिसे अभियोजन ने गंभीरता से उठाया।

पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट अहम

अभियोजन पक्ष के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PMR) में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं। विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) जांच के लिए भेजा गया है। अभियोजन ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर अभियुक्ता साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती है।

बचाव पक्ष ने बताया निर्दोष

वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि अभियुक्ता को झूठा फंसाया गया है और यह मामला हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का है।

न्यायालय का फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि मामला गंभीर है, जांच अभी जारी है और प्रथम दृष्टया अभियुक्ता की भूमिका सामने आ रही है। इन्हीं आधारों पर अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।

इस फैसले के बाद मामला और गरमा गया है। अब सभी की नजरें एफएसएल रिपोर्ट और पुलिस की आगे की जांच पर टिकी हैं, जो इस केस की दिशा तय करेगी।


Share Also

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *