अब सरकारी स्कूल के बच्चे सीखेंगे ड्रोन टेक्नोलॉजी ! उत्तर प्रदेश की पहली ड्रोन ऑटोमेशन लैब बनेगी पीलीभीत में…

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रिंटू वर्मा

पीलीभीत। डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में पीलीभीत जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश के लिए मिसाल बनने जा रहा है। मरौरी विकासखंड के कम्पोजिट विद्यालय बरहा में प्रदेश की पहली ड्रोन ऑटोमेशन लैब लगभग तैयार हो चुकी है। करीब 17 लाख रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस अत्याधुनिक लैब का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लैब का निर्माण एस कावा कंपनी द्वारा कराया जा रहा है और पांच ड्रोन सहित दूरबीन एवं अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण विद्यालय पहुंच चुके हैं। जल्द ही यह लैब विद्यार्थियों के लिए शुरू कर दी जाएगी।


तत्कालीन डीएम पुलकित खरे की पहल से साकार हुआ सपना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे के कार्यकाल में रखी गई थी। उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना था। उसी पहल का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की पहली ड्रोन ऑटोमेशन लैब एक सरकारी विद्यालय में स्थापित होने जा रही है। यह परियोजना प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।


ड्रोन बनाना, उड़ाना और कोडिंग सीखेंगे विद्यार्थी

इस हाईटेक लैब में छात्र-छात्राओं को केवल ड्रोन उड़ाना ही नहीं, बल्कि उसकी डिजाइनिंग, प्रोग्रामिंग (कोडिंग), सेंसर तकनीक, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोनॉमस ड्रोन तैयार करने का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी अवधारणाओं को प्रयोगात्मक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में नवाचार की सोच विकसित होगी और भविष्य में ड्रोन टेक्नोलॉजी, रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण, फोटोग्राफी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के नए रास्ते खुलेंगे।


आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित होगी हाईटेक लैब

लगभग 8 फीट चौड़ी और 11 फीट लंबी इस विशेष ड्रोन ऑटोमेशन लैब को आधुनिक उपकरणों और डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। लैब में ड्रोन असेंबली, परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग कार्यक्षेत्र तैयार किए गए हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और शेष कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है।


कंपनी के इंजीनियर देंगे शिक्षकों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण

लैब के संचालन से पहले एस कावा कंपनी के विशेषज्ञ इंजीनियर पीलीभीत पहुंचेंगे और विद्यालय के शिक्षकों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ड्रोन निर्माण, संचालन, प्रोग्रामिंग, सुरक्षा मानकों, रखरखाव और विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक नियमित रूप से विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।


विद्यालय पहुंच चुके हैं पांच ड्रोन और अन्य उपकरण

कंपनी द्वारा विद्यालय में पांच अत्याधुनिक ड्रोन, दूरबीन तथा अन्य आवश्यक उपकरण पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने और तकनीकी प्रयोग करने का अवसर मिलेगा।


ग्रामीण बच्चों को मिलेगा वैश्विक तकनीक से जुड़ने का अवसर

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को वैश्विक तकनीक से जोड़ने का माध्यम बनेगी। इससे सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी निजी और बड़े शिक्षण संस्थानों जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।


बरहा मॉडल की सफलता के बाद छह और ब्लॉकों में बनेगी ऐसी लैब- डीएम ज्ञानेंद्र सिंह 

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि बरहा कम्पोजिट विद्यालय में उत्तर प्रदेश की पहली ड्रोन ऑटोमेशन लैब का निर्माण पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल की सफलता को देखते हुए जिले के अन्य छह विकासखंडों में भी ऐसे विद्यालय चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां इसी तर्ज पर आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आज पीलीभीत की उपलब्धि यह भी है कि जिले के किसी भी प्राथमिक अथवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में कोई भी बच्चा जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं कर रहा है। सभी विद्यालयों में बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। उनका कहना था कि सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी भविष्य की नई तकनीकों तक समान अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।


प्रधानाध्यापक बोले—जल्द शुरू होगा नियमित प्रशिक्षण

कम्पोजिट विद्यालय बरहा के प्रधानाध्यापक संतोष खरे ने बताया कि ड्रोन ऑटोमेशन लैब का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। लैब शुरू होने के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से ड्रोन तकनीक का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


बीएसए रोशनी सिंह का बयान

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की पहली ड्रोन ऑटोमेशन लैब पीलीभीत के कम्पोजिट विद्यालय बरहा में स्थापित की जा रही है। लैब का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कंपनी द्वारा पांच ड्रोन, दूरबीन सहित अन्य उपकरण विद्यालय भेजे जा चुके हैं। जल्द ही कंपनी के इंजीनियर विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण देंगे, जिसके बाद विद्यार्थियों को नियमित रूप से ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा।


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