रिंटू वर्मा…
पीलीभीत।स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत के महिला विंग स्थित परीक्षण लैब में इन दिनों महिला मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ से ढाई सौ महिलाएं यहां पहुंचकर खून, प्रेगनेंसी और ऑपरेशन से जुड़ी विभिन्न जांचें करवा रही हैं। बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि महिलाओं का भरोसा अब सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर तेजी से बढ़ रहा है।
हर दिन बढ़ रही मरीजों की संख्या
लैब में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों के अनुसार, रोजाना आने वाली महिलाओं की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। पहले जहां सीमित संख्या में मरीज आते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज का रुख कर रही हैं। इससे अस्पताल की सेवाओं की स्वीकार्यता साफ झलक रही है।
अत्याधुनिक मशीनों से हो रही सटीक जांच
महिला अस्पताल की इस लैब में आधुनिक तकनीक से लैस मशीनों द्वारा विभिन्न प्रकार की जांच की जा रही है।
- सिलेक्ट्रा मशीन से बायोकेमेस्ट्री की सभी जांचें
- इलेक्ट्रोलाइट मशीन से खून की महत्वपूर्ण जांच
- रैपिड कार्ड टेस्ट के जरिए हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू सहित कई बीमारियों की त्वरित जांच
इन मशीनों के माध्यम से कम समय में सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मरीजों को राहत मिल रही है।
डॉक्टरों ने बताई बढ़ती मांग की वजह
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टर अफजल हुसैन ने बताया कि प्रतिदिन 150 से अधिक महिलाएं जांच के लिए आ रही हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
वहीं, पैथोलॉजी विभाग की डॉक्टर राशि त्यागी के अनुसार, लैब में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाओं की खून और प्रेगनेंसी से संबंधित जांच की जा रही है, जिससे यह साफ है कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
सरकारी सुविधाओं पर बढ़ा भरोसा
मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध बेहतर सुविधाएं, निःशुल्क जांच और आधुनिक उपकरणों के कारण महिलाएं अब निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दे रही हैं। यह बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

