रिंटू वर्मा…
पीलीभीत। उत्तरप्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व को एक अत्याधुनिक रेस्क्यू वाहन मिलने से अब तेंदुआ सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू करना आसान हो जाएगा। इस पहल से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया लोकार्पण
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सुनील चौधरी ने नए रेस्क्यू वाहन का विधिवत लोकार्पण कर इसे प्रशासन को सौंपा। उन्होंने इसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी बताया।
अब सिर्फ बाघों तक सीमित नहीं रहेगा रेस्क्यू
अब तक टाइगर रिजर्व के पास मुख्य रूप से बाघों के रेस्क्यू के लिए ही विशेष वाहन था। तेंदुआ या अन्य छोटे वन्यजीवों के आबादी में आने पर रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो जाता था। नया वाहन इस समस्या का समाधान करेगा।
एस्ट्रल फाउंडेशन का सहयोग
गुजरात की एस्ट्रल फाउंडेशन ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत यह अत्याधुनिक रेस्क्यू वाहन उपलब्ध कराया है, जिससे वन विभाग को बड़ी राहत मिली है।
विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया वाहन
इस रेस्क्यू वाहन को टाइगर रिजर्व की जरूरतों के अनुसार मॉडिफाई कराया गया है, ताकि तेंदुआ जैसे फुर्तीले वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित पकड़ा जा सके।
अधिकारियों ने जताई उम्मीद
डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि नए वाहन के आने से रेस्क्यू अभियान और अधिक सुरक्षित व प्रभावी होगा। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

