पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में “स्कूल चलो अभियान” की जोरदार शुरुआत के साथ शिक्षा के प्रति एक व्यापक जनजागरण देखने को मिल रहा है। जिले के 1499 परिषदीय विद्यालयों में अभियान का शुभारंभ होते ही प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं। सभी का उद्देश्य एक ही है—कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
अभियान के तहत विद्यालयों में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। कई स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्वागत समारोह के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव-गांव रैलियों, जनसंपर्क अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया जा रहा है। शिक्षकों और अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराने की पहल भी की जा रही है, जिससे अभियान धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने बताया कि स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत अब तक जनपद में लगभग 6000 नए बच्चों का नामांकन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह संख्या लगातार बढ़ रही है और विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ना है।
वहीं, जिला प्रशासन भी इस अभियान को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। अधिकारी स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं और बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद में स्कूल चलो अभियान को पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ चलाया जा रहा है। उनका स्पष्ट कहना है कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे।
समग्र रूप से देखा जाए तो पीलीभीत में “स्कूल चलो अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत और सार्थक पहल के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

